कुछ
कशिश है तेरी
इन आँखों में,
जब देखो तो
बहुत कुछ बया
करती है
बिन
कहे ही उधर
का सब हाल
समझा देती है
जब
नटखट काम करते
हो तो, तो
शरारत भरी रहती
है इन आँखों
में
जब
प्यार करते हो
तो, सच्चाई दिखाई
देती है
जब
रुठते हो तो
एक दर्द छुपा
रहता है
जब
भिवष्य का सोचते
हो तो चमक
आ जाती है
जब
दिल दुखता है
तो पानी बाहर
आ जाता है
जब
मुस्कुराते हो तो
छोटी सी हो
जाती है
और
जब मेरे साथ
होते हो तो
गहराई और एक सचाई
दिखती है
दिन
रात तेरी आखे
वो बोलती है
जो जुबा न
बोल पाती
कद्र
है मुझे तेरे हर एक अहसास की, तेरे आज की और हमारे सुनहरे कल की ||
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