कुछ अलग सा
है , शायद कुछ
बदल सा गया
है |
शायद वक़्त बदल गया
है , श्यद हम
बदल गये है
|
ना जाने क्या
है सचाई
मगर ये मंज़ोर
है की कही
तो है कोई
रुसवाई|
शायद अपने से
कोई गीला है
श्यद वक़्त से कोई
शिकवा है
बस अब तो
सब एक सा
हो गया है|
शायद कुछ बदल
सा गया है
शायद वक़्त बदल गया
है , श्यद हम
बदल गये है
|
ना रहा अब
बचपन का भोलापन
ना रही
अब बचपन की हॅसी
लगता है जैसे
सब कुछ मोंम सा हो गया
है |
कुछ अलग सा
है ,
शायद कुछ बदल
सा गया है
शायद सब कुछ
बदल गया है | |
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