Thursday, 30 January 2014

प्यारा सा साया




                 रिश्ता अपना  सा ....

 
मेरा तुम्हारा रिश्ता है कुछ अजीब,
लेकिन  मेने तुम्हे पाया है हमेशा अपने करीब |
चाहे इस  दुनिया कोई ना हो मेरे पास,
मगर फिर  भी तुम हमेशा रहते  हो साया बनके मेरे साथ |
हमे ज़ीना भी तुम ही ने सिखाया
ओर ये जीवन भी तुमने ही दिलाया |

इन आखो को सपना भी तुमने  देखना बताया,
और पूरा  भी तुमने करना सिखया |
चाहो हु मै कितनी अकेली,
मगर तुमने मुझे अपना किसी   किसी रूप में ये होसला दिलाया,
कि तुम हो मेरे साथ चाहे जो भी हो बात |
बस रहना तूम मेरे साथ फिर आसानी से  कट जायगी हर दिन और हर रात,
और जल्द हम पहुच जायगे अपने मौकम के पास, सबको लेकर अपने साथ |

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