रिश्ता अपना सा ....
मेरा तुम्हारा
रिश्ता है कुछ अजीब,
लेकिन मेने तुम्हे पाया है हमेशा अपने करीब |
चाहे इस दुनिया कोई ना हो मेरे पास,
लेकिन मेने तुम्हे पाया है हमेशा अपने करीब |
चाहे इस दुनिया कोई ना हो मेरे पास,
मगर फिर भी तुम हमेशा रहते हो साया बनके मेरे साथ |
हमे ज़ीना भी तुम ही ने सिखाया,
ओर ये जीवन भी तुमने ही दिलाया |
इन आखो को सपना भी तुमने देखना बताया,
और पूरा भी तुमने करना सिखया |
चाहो हु मै कितनी अकेली,
मगर तुमने मुझे अपना किसी न किसी रूप में ये होसला दिलाया,
कि तुम हो मेरे साथ चाहे जो भी हो बात |
बस रहना तूम मेरे साथ फिर आसानी से कट जायगी हर दिन और हर रात,
और जल्द हम पहुच जायगे अपने मौकम के पास, सबको
लेकर अपने साथ |
No comments:
Post a Comment